फतेहपुरिया (राजगढ़िया) परिवार
वंशावली एवं ऐतिहासिक विवरण
परिवार का इतिहास
प्रारंभ में उन्होंने केरोसिन तेल का व्यापार किया। इसके पश्चात धोती एवं वस्त्र व्यापार में प्रवेश किया। बाद में अभ्रक (माइका) व्यापार की ओर भी ध्यान दिया।
हजारीबाग एवं गया की खदानों से अभ्रक निकालकर बड़े पैमाने पर विदेशों में निर्यात किया जाने लगा। उनकी व्यापारिक कुशलता से वे प्रमुख मारवाड़ी व्यापारियों में गिने जाने लगे।