फतेहपुरिया (राजगढ़िया) परिवार
वंशावली एवं ऐतिहासिक विवरण
परिवार का इतिहास
स्थानीय मेडिकल अस्पताल को 40,000 रुपये का दान दिया। कोलकाता के भवनिपुर स्थित संपत्तियाँ धार्मिक कार्यों हेतु समर्पित की गईं।
राजगढ़ स्टेशन के समीप विशाल धर्मशाला, तालाब एवं मंदिर का निर्माण कराया। 76 वर्ष की आयु में संवत 1975 माघ मास में उनका स्वर्गवास हुआ।
उनके चार पुत्र – बाबू केदारनाथ जी, बाबू तन्सुख राय जी, बाबू नागर मल जी एवं बाबू इंद्रचंद जी हुए।
इस प्रकार फतेहपुरिया / राजगढ़िया परिवार व्यापार, धर्म एवं समाजसेवा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।